बिलासपुर के रतनपुर थाना क्षेत्र में 15 दिन पहले लापता हुए किशोर चिन्मय सूर्यवंशी का शव स्कूल के कमरे में मिला। शव पुरी तरह नष्ट हो चुका था। पुलिस पिछले कुछ दिनों से लगातार किशोर की तलाश कर रही थी। उसके लिए 1 लाख का इनाम भी रखा गया था।
बिलासपुर: रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरारी में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब 15 दिनों से लापता 13 वर्षीय छात्र चिन्मय सूर्यवंशी का शव गांव के ही स्कूल के बंद कमरे में क्षत-विक्षत हालत में मिला। फोरेंसिक जांच के बाद शव को चीरघर भेज दिया गया है। शुक्रवार को शव का पीएम कराया जाएगा। मामले में आधा दर्जन संदेहियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
रतनपुर थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने बताया कि ग्राम भरारी में रहने वाले संजय सूर्यवंशी और प्रमिला सूर्यवंशी का 13 वर्षीय पुत्र चिन्मय सूर्यवंशी रतनपुर स्थित स्कूल में पढ़ता था। वह 31 जुलाई की शाम करीब 4.30 बजे वह घर से निकला था। इसके बाद वह देर रात तक लौटकर नहीं आया। स्वजन ने गांव में उसकी तलाश की। साथ ही रिश्तेदारों के घरों और परिचितों के यहां ढूंढा। बालक की जानकारी नहीं मिलने पर रतनपुर थाने में इसकी सूचना दी। नाबालिग का मामला होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेकर अपहरण का मामला दर्ज किया।
बालक अपने पिता का मोबाइल लेकर घर से निकला था। इसके कारण पुलिस ने उसके पिता का मोबाइल लोकेशन निकाला। उसका अंतिम लोकेशन सेमरताल में मिला। इसके आधार पर पुलिस ने आसपास के गांव में बालक और संदेहियों की तलाश तेज कर दी। इसी बीच गुरुवार को बालक का शव गांव के ही सरकारी स्कूल के एक कमरे में मिला ।
इसकी सूचना पर पुलिस की टीम तत्काल गांव पहुंच गई। साथ ही फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर चीरघर भेज दिया है। मामले में करीब आधा दर्जन संदेहियों को हिरासत में लिया गया है। उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
बदबू से खुला राज
गुरुवार सुबह गांव के कुछ लोगों को पुराने स्कूल भवन की तरफ से तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर वे पास गए और दरवाजा खोलने की कोशिश की। किसी तरह दरवाजा खोलने पर स्कूल के बंद कमरे में चिन्मय का शव पड़ा मिला। शव पूरी तरह गल गया था और हालत देखकर साफ लग रहा था कि उसकी मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।
फोरेंसिक टीम को बुलाकर कराई जांच
घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान, एएसपी अर्चना झा, कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय मौके पर पहुंची। शव की हालत देखते हुए आशंका है कि 31 जुलाई को ही बालक की हत्या कर शव को स्कूल के कमरे में छुपा दिया गया था। हत्यारों को पता था स्कूल नए भवन में शिफ्ट हो गया है। इसके कारण उन्होंने स्कूल के कमरे को शव छुपाने के लिए उपयोग किया।

