संगीत में रुचि रखने वाले और इसी में कॅरियर की संभावना तलाश रहे युवाओं के लिए दुर्ग
 संगीत महाविद्यालय सबसे बढ़िया विकल्प है।
 महाविद्यालय की 40 सीटों पर प्रवेश बिना किसी प्रवेश परीक्षा के हो रहे हैं।
 संगीत महाविद्यालय में क्रेडिट सिस्टम से होगी पढ़ाईदुर्ग जिले का संगीत महाविद्यालय
 भी इस साल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दायरे में 
आ जाएगा। अभी यहां सालना पद्धिती से परीक्षा हो रही थी, लेकिन नए सत्र से संगीत 
महाविद्यालय में भी सेमेस्टर आधारित पढ़ाई और 
परीक्षा कराई जाएगी।
अब संगीत महाविद्यालय में क्रेडिट सिस्टम से पढ़ाई,दो बार होगी परीक्षा, घर में रहकर 
बन सकेंगे कलाकार महाविद्यालय
यह महाविद्यालय खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय से संबद्ध है, जहां नए शैक्षणिक सत्र से एनईपी 
लागू करने जा रहा है। नए सत्र में एडमिशन
 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में संगीत में रुचि रखने वाले और इसी में कॅरियर की संभावना 
तलाश रहे युवाओं के लिए दुर्ग संगीत 
महाविद्यालय सबसे बढ़िया विकल्प है। महाविद्यालय की 40 सीटों पर प्रवेश बिना किसी प्रवेश परीक्षा 
के हो रहे हैं।
संगीत महाविद्यालय दुर्ग से बीपीए यानी बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स कर सकेंगे। यह डिग्री कोर्स है।
 जिसमें विद्यार्थियों को शास्त्रीय गायन
 (हिन्दुस्तानी), भरतनाट्यम, लोक संगीत विषय पढ़ने को मिलेगा। इस कोर्स के जरिए विद्यार्थी जहां 
संगीत की महारत हासिल करेंगे, वहीं 
उनको देश-प्रदेश के त्योहार और उनके पीछे का इतिहास भी बताया जाएगा।
अभी भी ले सकते हैं दाखिला
खास बात यह है कि खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा से गुजरना
 होता है, लेकिन दुर्ग संगीत 
महाविद्यालय में सीधे दाखिले होंगे। दुर्ग संगीत महाविद्यालय में अभी ३१ जुलाई तक प्रवेश दिए जाएंगे।
 प्रथम मेरिट सूची का प्रकाशन हो 
चुका है।
पढ़ेंगे संगीत हिंदुस्तानी
दुर्ग संगीत महाविद्यालय में कोर्स बीपीए में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत (हिंदुस्तानी) पढ़ाया जा रहा है।
 इसके अलावा उन्हें भरतनाट्यम 
सिखा रहे हैं। एक विषय लोक संगीत है। हिंदी और अंग्रेजी को आधार पाठ्यक्रम रखा गया है। इस कोर्स
 के लिए सिलेबस खैरागढ़ संगीत 
विवि ने तैयार किया है। कर्नाटक शैली गायन और मृदंगम के लिए एक-एक संगतकार मिला है।
हार्मोनियम और सारंगी के लिए विभाग ने एक संगतकार है।
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय दुनियाभर में मशहूर है। यहां दी जाने वाली संगीत की तालीम हासिल करने
 विदेशों के विद्यार्थियों का भी 
छत्तीसगढ़ आना होता है। अब दुर्ग जिले में इससे संबद्ध महाविद्यालय संचालित होने से देश-विदेश के
 विद्यार्थियों के साथ ही साथ जिले के
 विद्यार्थियाें को भी एक नया मंच मिल गया है। उन्हें विशेषकर खैरागढ़ जाकर संगीत के पाठ्यक्रम पढ़ने 
की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे
 अपने घर पर रहकर ही कलाकर बन सकेंगे।
फिलहाल, संगीत महाविद्यालय दुर्ग साइंस कॉलेज के कैंपस में संचालित है। प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 
कॉलेज पहुंचकर कोर्स से
 जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। आपको कार्यालीयन समय सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बीच पहुंचना होगा।
 एडमिशन हासिल 
करने वाले विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप मुख्य रूप से शास्त्रीय गायन और नृत्य की तालीम मिलेगी।
दुर्ग संगीत महाविद्यालय में इस साल से एनईपी लागू होगी। खैरागढ़ विवि ने सिलेबस को अपडेट कर लिया है। 
संगीत महाविद्यालय के 
लिए एडमिशन शुरू हो गए हैं। संगीत में रुचि रखने वाले विद्यार्थी इस विषय में डिग्री हासिल करते हुए 
अपने कॅरियर की शुरुआत कर सकते हैं।


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